हाथरस (सादाबाद): हाथरस जिले की सादाबाद विधानसभा (सीट सं. 79) राजनीतिक सरगर्मी के लिहाज से जिले की सबसे ‘हॉट सीट’ मानी जाती है। करीब 3.45 लाख मतदाताओं वाली इस विधानसभा में चुनावी बिसात बिछ चुकी है और प्रमुख राजनीतिक दलों आरएलडी, बीजेपी, बीएसपी और सपा के बीच टिकट पाने से लेकर जनता को साधने की होड़ तेज हो गई है।
प्रमुख पार्टियां और प्रबल दावेदार
राष्ट्रीय लोकदल (RLD):
वर्तमान विधायक प्रदीप कुमार उर्फ गुड्डू चौधरी इस सीट से प्रबल दावेदार हैं। दो बार जिला पंचायत सदस्य रहे गुड्डू चौधरी बूलगढ़ी कांड के दौरान आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी के आगे ढाल बनकर चर्चा में आए थे। 2022 के चुनाव में उन्होंने भाजपा के दिग्गज नेता स्वर्गीय रामवीर उपाध्याय को 6,437 वोटों से हराकर जीत दर्ज की थी। क्षेत्र में विकास कार्यों और सतत जनसंपर्क के बल पर उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। उनके अलावा प्रताप चौधरी पूर्व विधायक और प्रवीण पौनिया भी आरएलडी से टिकट की दौड़ में हैं।
भारतीय जनता पार्टी (BJP):
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खेमे में पूर्व सांसद और वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। सीमा उपाध्याय पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता रहे दिवंगत रामवीर उपाध्याय की पत्नी हैं। हाथरस और आसपास के क्षेत्रों में ‘उपाध्याय परिवार’ का अपना एक बड़ा सियासी प्रभुत्व रहा है।, सीमा उपाध्याय लगातार क्षेत्र में जनसम्पर्क कर रही है, जिला पंचायत अध्यक्ष-हाथरस एवं पूर्व सांसद फतेहपुर सीकरी, ब्रह्मण वोट बैंक पर अच्छी पकड़ रखती है
बहुजन समाज पार्टी (BSP):
सादाबाद विधानसभा सीट पर डॉ. अविन शर्मा बसपा का आधिकारिक प्रत्याशी घोषित किया है. अविन शर्मा हाथरस जिले की राजनीती में काफी समय से सक्रिय है । उनकी छवि एक बेदाग, सुलझे हुए और समाजसेवी व्यक्ति के रूप में जानी जाती है। इससे पहले 2021 में अविन शर्मा ने जिला पंचायत सदस्य के लिए पत्नी को भाजपा से टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़वाया था मगर जीत नहीं पाई थीं। बाद में उन्होंने भाजपा को छोड़ बसपा का दामन थाम लिया था। 2022 के विधानसभा चुनाव में इसी सीट पर बसपा प्रत्याशी थे, हालांकि वे इस सीट पर तब 32,555 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे।
समाजवादी पार्टी (SP):
पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल सपा के प्रमुख दावेदार हैं। 2012 में विधायक रहे देवेंद्र अग्रवाल की वैश्य समुदाय और स्थानीय कारोबारी वर्ग में अच्छी साख है। हालांकि 2022 में सपा-आरएलडी गठबंधन के तहत यह सीट आरएलडी के खाते में चली गई थी।
सादाबाद का जातीय समीकरण
सादाबाद विधानसभा क्षेत्र को पारंपरिक रूप से राष्ट्रीय लोकदल का गढ़ माना जाता है, जहां जाट समुदाय सबसे निर्णायक भूमिका में है। हालांकि जीत का गणित सवर्ण, दलित और मुस्लिम मतदाताओं के गठजोड़ पर निर्भर करता है।
जाट: लगभग 90,000 (सबसे प्रभावी)
ब्राह्मण: लगभग 55,000
मुस्लिम: लगभग 32,000
जाटव (दलित): लगभग 30,000
बघेल: लगभग 28,000
ठाकुर (क्षत्रिय): लगभग 20,000
वैश्य: लगभग 15,000
धोबी: लगभग 15,000
यादव: लगभग 12,000
सादाबाद विधानसभा 2022 के चुनावी परिणाम
1 प्रदीप कुमार उर्फ गुड्डू चौधरी RLD 1,04,874
2 रामवीर उपाध्याय BJP 98,437
3 डॉ अविन शर्मा BSP 32,555
4 मथुरा प्रसाद INC 2,788

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