नई दिल्ली/वृंदावन: यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने मोर्चा खोल दिया है। 15,000 किलोमीटर लंबी वाहन यात्रा के सफल समापन के बाद राज शेखावत के नेतृत्व में अब 255 किलोमीटर लंबी विशाल पदयात्रा का बिगुल फूंक दिया गया है, जिससे राजधानी दिल्ली का सियासी पारा चढ़ना तय माना जा रहा है। राज शेखावत के अनुसार, यह ऐतिहासिक पदयात्रा 18 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजे वृंदावन स्थित चार धाम मंदिर से प्रारंभ होगी, जो विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए 23 अगस्त को दिल्ली पहुंचेगी।
सड़कों पर उतरकर लड़ेंगे अधिकारों की जंग: राज शेखावत
आंदोलन की रूपरेखा रखते हुए क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “यूजीसी के यह नए नियम सवर्ण समाज के युवाओं और उनके भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ हैं। 15,000 किलोमीटर की वाहन यात्रा से हमने जन-जागरण की शुरुआत की थी और अब यह 255 किलोमीटर की पदयात्रा सोई हुई सत्ता को जगाने का काम करेगी। यह लड़ाई केवल किसी एक नीति के विरोध की नहीं, बल्कि सवर्ण समाज के स्वाभिमान और अधिकारों की जंग है।”
23 अगस्त को दिल्ली में ‘सवर्ण आक्रोश महापंचायत’
पदयात्रा के समापन के अवसर पर 23 अगस्त 2026 को दोपहर 1:15 बजे नई दिल्ली स्थित शाह ऑडिटोरियम में ‘सवर्ण आक्रोश महापंचायत’ का आयोजन किया गया है। राज शेखावत ने देशभर के युवाओं और सवर्ण समाज से इस आंदोलन में शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा कि 23 अगस्त को दिल्ली की महापंचायत में देशभर से सवर्ण समाज ऐतिहासिक संख्या में एकत्र होकर अपनी आवाज बुलंद करेगा। इस पूरे अभियान और व्यवस्था की कमान मुख्य रूप से क्षत्रिय करणी सेना और अखंड करणी सेना संभाल रही है।
