हाथरस: उत्तरप्रदेश की राजनीति में हाथरस लगातार चर्चा में है क्योंकि मायावती से लेकर आजाद तक सब हाथरस की हवा बदलने में लगे है। हाथरस में एक बार फिर से उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं। हाल ही में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) से इस्तीफा देने वाले पूर्व IPS अधिकारी आदित्य प्रकाश वर्मा के अगले कदम को लेकर कयासों का बाजार गर्म हो गया है। रविवार को हाथरस में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (RAM) के बैनर तले आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उनकी सक्रिय मौजूदगी के बाद यह चर्चा तेजी से जोर पकड़ रही है कि वे जल्द ही RAM पार्टी में शामिल होकर अपनी नई राजनीतिक पारी शुरू कर सकते हैं।
‘रावण’ को छोड़ ‘राम’ के कार्यक्रम में शामिल हुए पूर्व आईपीएस।
रविवार सुबह हाथरस के मुरसान गेट स्थित बौहरे वाली देवी मंदिर के समीप राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा द्वारा बढ़ती महंगाई के विरोध में आम जनता को 30 रुपये प्रति किलो की दर से 5 क्विंटल चीनी वितरित की गई। इस कार्यक्रम में पूर्व IPS आदित्य प्रकाश वर्मा अग्रिम पंक्ति में नजर आए। आजाद समाज पार्टी से इस्तीफा देने के तुरंत बाद RAM पार्टी के जिलाध्यक्ष विजय कुमार शर्मा, जिला प्रभारी निशांत उपाध्याय और भाजपा के पूर्व विस्तारक संजीव गोयल के साथ मंच साझा करने को राजनीतिक विश्लेषक महज एक शिष्टाचार मुलाकात नहीं मान रहे हैं।
चुनाव से पहले ही लड़खड़ाई आजाद समाज पार्टी, आदित्य प्रकाश वर्मा ने की बगावत।
आगामी चुनाव से पहले ही आजाद समाज पार्टी लड़खड़ाती हुई नजर आ रही है। प्रकाश वर्मा ने हाल ही में आजाद समाज पार्टी से इस्तीफा दिया है। उनके अचानक इस्तीफे से पार्टी संगठन को पहले ही झटका लगा था, और अब RAM पार्टी के सार्वजनिक मंच पर उनका इस तरह दिखाई देना नए राजनीतिक समीकरणों की तरफ साफ इशारा कर रहा है। हालाँकि, इस संबंध में पूर्व IPS आदित्य प्रकाश वर्मा या RAM पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से आधिकारिक ऐलान होना बाकी है, लेकिन हाथरस में हुए इस घटनाक्रम ने जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक की राजनीति में हलचल मचा दी है।
