उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मथुरा आगमन से ठीक पहले पुलिस प्रशासन ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए हाथरस कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया। बताया जा रहा है कि बुधवार देर रात करीब 11 बजे पुलिस बल अचानक विवेक उपाध्याय के आवास पर पहुंचा और उनके बाहर निकलने पर रोक लगा दी। मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर किसी भी तरह के विरोध-प्रदर्शन या ज्ञापन सौंपने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
पुलिस कार्रवाई पर जिलाध्यक्ष ने साधा निशाना:
हाउस अरेस्ट किए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय ने पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर प्रशासन से पूछा कि उनका क्या अपराध है और उन्हें किस कानून व लिखित आदेश के तहत नजरबंद किया गया है? उन्होंने मांग की कि किसी भी राजनीतिक कार्यकर्ता के खिलाफ कार्रवाई से पहले उसका स्पष्ट कानूनी आधार सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों का हवाला:
पं॰ विवेक उपाध्याय ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के मुद्दे उठाना और शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराना विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले विपक्षी नेताओं को नजरबंद करना सरकार की बौखलाहट और डर को दर्शाता है।
संघर्ष जारी रखने का ऐलान:
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पुलिसिया पहरे से कुछ समय के लिए आवाज़ को तो रोका जा सकता है, लेकिन जनता के सवालों को नहीं दबाया जा सकता। उन्होंने कहा कि दमन और दबाव की राजनीति के आगे कांग्रेस का कार्यकर्ता झुकने वाला नहीं है और जनहित व संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष पूरी मजबूती से जारी रहेगा।
