नई दिल्ली :- दिल्ली की सियासत का पारा एक बार फिर से बढ़ने वाला है क्योंकि CJP के बड़े आंदोलन के बाद अब आरक्षण हटाने की मांग को लेकर बड़े आंदोलन की तैयारियां जोरों पर है। यह आंदोलन ‘परशुराम दल’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष गंगाधर उपाध्याय के नेतृत्व में 17 अगस्त से दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर शुरू होने जा रहा है। आयोजकों का दावा है कि यह आंदोलन ऐतिहासिक होगा, क्योंकि आरक्षण की बीमारी के खिलाफ अब तक सड़कों पर कोई आंदोलन नहीं हुआ था। सोशल मीडिया पर इस आंदोलन की डिमांड खूब है। जिसकी वजह से चर्चाएं है कि ये आरक्षण हटाओ आंदोलन देश की सियासत में बड़ा उलटफेर कर सकता है।
फिलहाल इस आंदोलन को लेकर अभी से ही सोशल मीडिया पर लोगो ने प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया है। आंदोलन को लेकर करणी सेना के प्रदेश प्रवक्ता सचिन तिवारी ने कहा कि “जो काम सवर्ण समाज के नेता,मंत्री, विधायक को करना चाहिए वो काम अब जमीन पर उतरकर परशुराम दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर रहे है, ये मुहीम गरीबों के हक में है जो वाकई में गरीब है उन्हें उनका अधिकार मिलना चाहिए ऐसे आंदोलन का सभी को समर्थन करना चाहिए।” अब देखना ये है कि इस आंदोलन पर सरकार का क्या रुख रहने वाला है?
